1. संवाद
यह ध्यान रखें लोग आपकी बात पर कब गौर करते हैं?
बेंजामिन फ्रैंकलिन अपनी आत्मकथा में बताते हैं कि उन्होंने अपने व्यक्तित्व और दूसरे पर अपने प्रभाव को कैसे बदला। ऐसा तब हुआ जब वे लोगों को राय देने से पहले बोलते 'मुझे ऐसा लगता है कि...' या 'कुछ लोग कहते हैं कि...'। अगर आप अपने विचारों को हल्के से व्यक्त करते हैं और यह संकेत देते हैं कि आप गलत भी हो सकते हैं, तो आप की बात सुनना और आपके विचारों को महत्व देना लोगों के लिए ज्यादा आसान हो जाएगा। यदि आप स्पष्ट करते हैं कि आप दूसरों के विचारों और विश्लेषणों के प्रति खुला नजरिया रखते हैं तो लोग आपके प्रति भी ज्यादा खुलेंगे।
• द ऑटोबायोग्राफी ऑफ बेंजामिन फ्रैंकलिन से
2. सफलता
'मेरी पसंदीदा छुट्टी की जगह... सिर्फ और सिर्फ मेरा घर है '
' जो नाम , शोहरत और पैसा ओलंपिक पदक के साथ आया, वह मेरी और मेरे परिवार की कल्पनाओं से परे की बात है । मेरे कार्यक्रमो का उत्साहित करने वाला हिस्सा छात्रों के साथ उन्हें प्रेरित करने वाली बातचीत करना था । मेरी जिंदगी का दूसरा नया अनुभव फोटो खिंचवाने के सत्रो का था। चकाचौंध के साथ जो यात्राएं जुड़ी थी, वो उबाऊ थीं। मेरे दोस्त कहते है ' तुम थक गई होगी, तुम्हे छुट्टी पर जाना चाहिए ।' सच यह है की मेरी जगह मेरा घर है। वह मामूली है लेकिन उसके अलावा कोई जगह नहीं जहां मैं होना चाहती हूं।'
• एम्.सी. मैरी कॉम
3. जीवन
शरीर में सुधार कर सकते हैं तो आंतरिक मन में क्यों नहीं ?
जब महात्मा गांधी से कहा गया कि वह असाधारण पुरुष है तो उन्होंने जवाब दिया - 'कितना विचित्र है हम लोगों का यह सोचना कि शरीर में तो सुधार किया जा सकता है, पर आत्मा की सुप्त शक्तियों को जगाना असंभव है। मुझमें न कोई असाधारणता कभी थी और ना अभी है। मै एक साधारण व्यक्ति हूं जो अन्य किसी मानव की भांति भूल कर सकता है। अपनी भूल मान लेने की विनम्रता मुझ में है। मैं यह भी स्वीकार करता हूं कि ईश्वर पर मेरा अटल विश्वास है। परंतु क्या यही सब प्रत्येक मनुष्य में सुप्त अवस्था में नहीं है ?
• योगी कथामृत
4. विचार
विचार तभी परिपक्व होते हैं जब उनकी सही देखभाल हो
विचार जब पैदा होते हैं तभी से उनकी खास देखभाल होनी चाहिए और तब तक होनी चाहिए जब तक कि वह बड़े ना हो जाए। विचारों को बच निकलने का मौका ना दें । उन्हें लिख ले। हर दिन आपके दिमाग में बहुत से अच्छे विचार आते हैं परंतु वे जल्दी मर भी जाते हैं क्योंकि आपने उन्हें कागज पर नहीं लिखा है और आप कुछ समय बाद में भूल जाते हैं। नए विचारों की पहरेदारी करने के लिए नोटबुक रखें। अपने विचारों का अवलोकन भी करें। आपको कुछ विचार बेकार या महत्वहीन लगेंगे उन्हें बाहर कर दें और जो विचार दमदार लगे उन्हें विकसित करें ।
• योगी कथामृत




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