इश्क और कोरोना में यह बात नक्की है
दोनो ही जानलेवा है यह बात पक्की है
यह देखे से होता है वो धोके से होता है
जो बच गया इनसे वह इंसान लक्की है
जो फस गया नादान इनके चंगुल में
दुनिया से तय फिर उसकी तरक्की है
बड़ी दाढ़ी, उदास चेहरा, हाथ में जाम
देखने में यू लगे कि आदमी झक्की है
मिलता जुलता नहीं और मुंह छुपाता है
अलग-थलग एक दुनिया बना रखी है
सलहा सही भी दो तो उल्टा समझता है
दोस्त दुश्मन भी लगे वो इतना शक्की है
घरवाले बेचारे कुछ नहीं कर सकते
दूर से देख उनको निगलनी मक्खी है
ये सॉलिड है यार बड़ा महीन पिसती है
कोई सबूत नहीं बचता ऐसी चक्की है
डॉक्टर खोज ना पाए इसकी कोई दवाई
सारी दुनिया देखकर ये हक्की बक्की है ।
आशा करता हूं यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद ।
दोनो ही जानलेवा है यह बात पक्की है
यह देखे से होता है वो धोके से होता है
जो बच गया इनसे वह इंसान लक्की है
जो फस गया नादान इनके चंगुल में
दुनिया से तय फिर उसकी तरक्की है
बड़ी दाढ़ी, उदास चेहरा, हाथ में जाम
देखने में यू लगे कि आदमी झक्की है
मिलता जुलता नहीं और मुंह छुपाता है
अलग-थलग एक दुनिया बना रखी है
सलहा सही भी दो तो उल्टा समझता है
दोस्त दुश्मन भी लगे वो इतना शक्की है
घरवाले बेचारे कुछ नहीं कर सकते
दूर से देख उनको निगलनी मक्खी है
ये सॉलिड है यार बड़ा महीन पिसती है
कोई सबूत नहीं बचता ऐसी चक्की है
डॉक्टर खोज ना पाए इसकी कोई दवाई
सारी दुनिया देखकर ये हक्की बक्की है ।
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